The Fact About pario ki kahani That No One Is Suggesting

Wiki Article

एक दिन गोपाल ने परेशान होकर बिल्ली को सबक सिखाने की सोंची ।

शहर में एक छोटी सी दुकान , जिसमें कुछ चिप्स , पापड़ , टॉफी , बिस्किट आदि की बिक्री होती थी। यह दुकान अब्दुल मियां की थी। इनकी हालात सभी लोगों को मालूम थी , इसलिए ना चाहते हुए भी आस पड़ोस के लोग कुछ ऐसा सामान ले लिया करते थे। जिससे अब्दुल मियां की कुछ कमाई हो जाए।

नैतिक शिक्षा –  जो दूसरों के दर्द को समझता है उसे दुःख छू भी नहीं पता।

इस पोटली का रहस्य यह था – कुछ दिन पूर्व एक भले आदमी को लूट कर जंगली डाकू भाग रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसला और वह पहाड़ों की दुर्गम खाई में जा गिरे जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह पोटली गिरते समय डाकुओं के हाथ से छिटक कर पेड़ पर टंग गई थी। आज आवश्यकता की घड़ी में मदन को उन पैसों से सहायता हो सकी।

अब उस व्यक्ति को समझ में आ गया था कि उसकी जरूरत उसके घर में कितना है। अब वह एक पल भी अपने घर में रहना नहीं चाहता था।

आज का समय बदल चुका है, जहाँ हमने अपने बचपन में इन कहानियों को अपने दादा-दादी और नाना-नानी से सुनी थी, वो कहानियां आज इंटरनेट पर मात्र कुछ ही समय में उपलब्ध हो जाती है।

इस पर उसने काफी सोच विचार कर एक उक्ति लगाई, और राजा के दरबार में आवाज लगाते पहुंच गया! बकरियां मेरा दो गांव खा गई, बकरियां मेरा दो गांव खा गई। यह बात राजा तक पहुंचाई गई राजा मुस्कुराए वह बात को समझ गए, उन्होंने उस भील व्यक्ति को जो वायदा किया था उसे पूरा किया।

आज सुरसिंह को अकेला देख सियार का झुंड टूट पड़ा। आज सियार को बड़ा शिकार website मिला था।

मोती ने गाय को गले लगा लिया, बचाने के लिए धन्यवाद कहा।

हमने अपने बचपन में अपने दादा-दादी, नाना-नानी, माता-पिता आदि से कहानियां सुनी है और उन कहानियों से हमें जीवन में कुछ नया करने की एक सकारात्मक ऊर्जा मिलती थी और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा से मन भर जाता था।

रितेश उदास हो गया रो-रोकर आंखें लाल हो गई। रितेश अब पार्क में बैठ कर रोने लगा। कुछ देर बाद वह देखता है कि उसके तीनों खरगोश घास खा रहे थे , और खेल रहे थे। रितेश को खुशी हुई और वह समझ गया कि इन को भूख लगी थी इसलिए यह पार्क में आए हैं। मुझे भूख लगती है तो मैं मां से खाना मांग लेता हूं। पर इनकी तो मैं भी नहीं है। उसे दुख भी हुआ और खरगोश को मिलने की खुशी हुई।

इस पर शाम के मम्मी-पापा ने पूछा कि इसकी क्या आवश्यकता है?

बिच्छू स्वभाव का उग्र होता है। वह सदैव दूसरों को नुकसान पहुंचाता है। संत स्वभाव से शांत होता है। वह दूसरों का कल्याण करता है।

अर्थात अच्छी संगति का संगत करना चाहिए।

Report this wiki page