The Untold Moral Story of राजा Diaries
Wiki Article
फसल काटने के बाद रामचरण ने अपने परिवार के साथ आराम से खुशहाल जीवन जीने लगा। उसकी मेहनत और परिश्रम ने उसे गर्व महसूस कराया। वह गांव के बाकी किसानों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गए। आखिरकार गांव के किसानों ने उसकी मेहनत और समर्पण को मान्यता दी और उन्हें सम्मानित किया गया।
राम की कहानी से यह सीख मिलती है कि मेहनत और लगन से कोई भी मुश्किल का सामना कर सकता है।
एक बार कि बात हैं, हिरण और कौआ बहुत अच्छे दोस्त थे। वे दोनों हर दुख-सुख में एक दूसरे का साथ दिया करते थे। एक दिन कौए ने हिरण को सियार के साथ देख लिया। कौए ने हिरण को समझाया कि सियार बहुत चालाक जानवर है, वो हर किसी को अपने जाल में फंसा लेता है इसलिए उसका साथ छोड़ दे। हिरण ने कौए की सलाह पर ध्यान नहीं दिया और सियार के साथ खेत में चला गया। हिरण वहाँ लगे जाल में फंस गया।
गीता को एक लाख रुपये मिले। उसने अपने माता-पिता को पैसे दिए और उन्हें एक नया घर खरीदा।
राम उसके इस प्रकार की धोखाधड़ी से बहुत चिंतित था। श्याम से परीक्षा में फेल होने की बात भी कही मगर श्याम ने नहीं माना। एक दिन की बात है श्याम स्कूल जा रहा था, उसके दोस्त मिल गए और उन्होंने कहा आज स्कूल नहीं जाना है। हम सभी अपने दोस्त हरि का जन्म दिवस मनाएंगे और बाहर खाना-पीना करेंगे और खूब मजे करेंगे। पहले तो श्याम ने मना किया किंतु दोस्तों के बार-बार बोलने पर वह उनके साथ चला गया। श्याम और उसके मित्रों ने खूब पार्टी करी और उस दिन स्कूल नहीं गये। इस प्रकार का काम वह और उसके दोस्त निरंतर करते रहते।
एक समय की बात है, सर्दी का दिन था और एक शेर धूप में सो रहा था। तभी वहाँ एक चूहा आया और सोए हुए शेर के शरीर पर कूदने लगा। जिससे तंग आकर शेर जाग उठा और उसने अपने भारी पंजो से चूहे को पकड़ लिया। शेर ने गुस्से में कहा, “मुर्ख चूहे मुझे तंग क्यों किया, अब तुझे इसकी सज़ा जरूर मिलेगी।
अगले दिन फिर यही घटना दोहराई गई। मोहन फिर सेठ के आंगन में बैठा था सेठ ने फिर उसको वहां से जाने के लिए कहा। यही घटना अगले कई दिनों तक चलती रही। अब तो मोहन सेठ के हकाल ने पर भी वहां से नहीं जाता था और वहीं पर बैठा रहता था।
पिताजी भी गए हुए हैं, अब मैं तुम्हें स्कूल पहुंचा कर गांव निकलूंगी।
वही उसका भाई श्याम पढ़ने से बचता था, और ना पढ़ने के ढेरों बहाने ढूंढता था। राम के दोस्त पढ़ने वाले थे और श्याम के दोस्त ना पढ़ने वाले और काम चोरी करने वाले थे।
उन्होंने सोचा कि अब मैं दूसरे लोगों को क्या बताऊंगा कि मेरा बेटा एक भी विषय में पास नहीं हो पाया। इस प्रकार माँ-पिताजी को श्याम ने बहुत चिंतित वह दुखी देखा जिस पर उसे भी दुख हुआ। श्याम ने अपने मां-बाप को भरोसा दिलाया कि मैं अगली परीक्षा में सफल होकर दिखायेगा।
महामंत्री बीरबर ने प्रत्येक सेवक को समान लम्बाई की एक छड़ी दी। और फिर उनसे सभी को कहा कि अगले दिन तक चोर की छड़ी दो इंच बढ़ जाएगी। ऐसा सिर्फ़ उसके साथ होगा जिसने व्यापारी का सामान चुराया है।
अब किसान मन ही मन खुश होने लगा था उसे अपने बदलते किस्मत पर भी भरोसा होने लगा था जिसे देखकर साधू महाराज किसान का हाल पूछते हुए बोले “ अब बताओ तुम भी वही गरीब किसान हो यहा भी दिन रात मेहनत करते हो और ईश्वर के बताये गये पुण्य के मार्ग पर चलते हुए लोगो को भोजन कराते हो जिससे अब ईश्वर भी तुमसे प्रसन्न है, पहले जहा खुद के लिए मेहनत करते थे खुद के लिए ही सोचते थे,
एक गाँव में एक हंस पालन करने वाला अपनी पत्नि के साथ रहता था। वह हर रोज बाजार में जाकर हंस खरीदता और घर आकर उनकी देखभाल करता था। हर दिन की तरह वो बाजार से एक हंस खरीद कर लाया। वो सबकी तरह उसे भी read more बहुत प्यार से पालने लगा और धीरे-धीरे वो हंस तंदुरुस्त बन गया। कुछ महीने बाद उस हंस ने अंडा दिया, जिसको देखने के बाद व्यापारी और उसकी पत्नी दोनों ही हैरान रह गए। वह अंडा सोने का था।
Report this wiki page